NEET पेपर लीक मामले को लेकर सोमवार को वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय नेता एवं सिराथू विधायक पल्लवी पटेल ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मुख्य द्वार और लंका स्थित मालवीय गेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। 

इस दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पल्लवी पटेल अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बीएचयू गेट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की तैयारी में थीं। प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति न होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया था।मालवीय गेट पर मीडिया से बातचीत करते हुए पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया कि लखनऊ से वाराणसी तक उनके काफिले को लगातार प्रशासनिक निगरानी और रोक-टोक का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लखनऊ, कौशांबी, जौनपुर, प्रयागराज और वाराणसी तक उन्हें घेरने और रोकने का प्रयास किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।पल्लवी पटेल ने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य पर सीधा आघात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।उन्होंने कहा, "यदि छात्रों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ होगा तो किसी न किसी को सड़कों पर उतरकर आवाज उठानी पड़ेगी। हमारा आंदोलन छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है।"पल्लवी पटेल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तत्परता से उन्हें रोकने और हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई, यदि उसी गंभीरता से पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होती, तो लाखों छात्रों का भविष्य अधर में नहीं होता।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पल्लवी पटेल को हिरासत में ले लिया। उनके हिरासत में लिए जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया, हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।गौरतलब है कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्र संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वाराणसी में भी अपना दल (कमेरावादी) ने विरोध कार्यक्रम का आह्वान किया था।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है,